रुद्रप्रयाग: केदारनाथ यात्रा 2026 को लेकर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और आपदा नियंत्रण विभाग पूरे एक्शन मोड में कार्य कर रहा है। केदारनाथ धाम से बर्फ को हटाने के लिए आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस के साथ आपदा प्रबंधन ओर नियंत्रण विभाग के कर्मचारी रात- दिन मेहनत कर रहे है। हालांकि पहाड़ों में मार्च के आखिर में हो रही बरसात ओर हल्की बर्फवारी से मुश्किलें बद्व रही है लेकिन प्रशासन को भरोसा है कि तय समय सीमा के अंदर बर्फ हटाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने में अब एक महीने से कम का समय रह गया है। ऐसे में लगातार खराब होते मौसम ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक 2 अप्रैल तक हल्की बरसात और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फवारी का दौर जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में केदारनाथ धाम में यात्र तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। आईटीबीपी और पुलिस के 60 से अधिक जवान दिन रात एक कर बर्फ हटाने के काम में जुटे है। प्रशासन के अनुसार मंदिर परिसर और हैलीपैड के पास तीन से चार फीट बर्फ जमा है जिसको हटाने के हरसम्भव प्रयास किये जा रहे है। कड़ाके की ठंड और हल्की बर्फवारी के बीच जवान लगातार बर्फ हटा रहें है।
जिला आपदा प्रबन्ध अधिकारी नन्दन सिंह राजभर के मुताबिक प्रस्तावित यात्रा समय सीमा से पहले बर्फ की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा और इसके लिए अनुभवी अधिकारियों के साथ नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन के सामने चुनौती यह भी है कि यात्रा शुरू होने में एक महीने से कम का समय रह गया है और अभी दुकानों का आवंटन भी नही हो पाया है। हालांकि प्रशासन दावा कर रहा है कि प्रस्तावित समय सीमा के अंदर सभी कार्य पूरे कर दिए जाएंगे।
चुनौतियां और भी… ।
प्रशासन के सामने जहां मंदिर परिसर से बर्फ हटाने की चुनौती है वही केदारनाथ धाम को जाने वाले रास्तो पर भी कई फिट बर्फ जमा है। रास्तों से बर्फ साफ कर सुगम यात्रा मार्ग बनाना ओर रास्ते में यात्रियों के लिए भोजन पेयजल, बिजली की व्यवस्था करना भी अहम चुनौती है। खराब मौसम और कड़ाके की सर्दी इस मुश्किल को और बढ़ा रही है।